1835 के चार्टर एक्ट के तहत बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत का गवर्नर जनरल बनाया गया । इस प्रकार विलियम बैटिंग
बंगाल का अंतिम गवर्नर जनरल तथा भारत का प्रथम गवर्नर जनरल बनें । 1835 में लोर्ड चाल्स मैटकोफ भारत का गवर्नर जनरल बना । इसे भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता करते हैं । क्योंकि इसने भारतीय प्रेस पर से कर को हटा दिया था । 1835 में लॉर्ड ऑकलैंड
भारत का गवर्नर जनरल बना । इसने 1839 में कलकत्ता से दिल्ली तक ग्रैंड ट्रंक रोड बनवाई । प्रथम आंग्ल अफगान युद्ध इसी के समय शुरू हुआ । और अंग्रेजों ने अफगान की समस्या के समाधान के लिए 1836 में रणजीत सिंह तथा साहसुजा के मध्य त्रिदलीय संधि की । 1842 में लोर्ड एलिनबरो
भारत का गवर्नर जनरल बना । जिसने दास प्रथा को समाप्त कर दिया । इससे शासन काल को कुशल अकर्मण्यता का काल कहते हैं । 1844 में लोर्ड हार्डिंग भारत का गवर्नर जनरल बना । प्रथम आंग्ला सिख युद्ध इसी के समय हुआ । इसने सती प्रथा को पूर्णत: बंद करवा दिया । 1848 में लॉर्ड डलहौजी
भारत का गवर्नर जनरल बना । डलहौजी ने भारतीय राज्यों को प्रत्यक्ष रुप से कंपनी के अधीन करने के लिए विलय या हड़प नीति का अनुसरण किया । जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय राजाओं में फूट डालकर शासन करना था । इसने सबसे पहले दत्तक पुत्र गोद लेने की प्रथा पर रोक लगाई । और यह घोषणा की थी कि जो राजा बिना पुत्र के मरेगा उसका राज्य अंग्रेजी राज्य में मिलाया जाएगा । ऐसे राज्यों में झांसी नागपुर और सातारा थे । डलहौजी ने 1852 में इनामी कमिशन बनाकर भूमि कर रहित जागीरों का पता लगाकर उसे छीना । डलहौजी ने शिमला को ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया । डलहौजी ने ही भारत का प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया को तोहफे में देकर इंग्लैंड भेज दिया । डलहौजी ने 1849 में सिखों को द्वितीय अंग्रेज सिख युद्ध में पराजित करके पूरे पंजाब को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया । 1850 मै सिक्किम के दो डॉक्टरों पर आरोप लगाकर सिक्किम को छीना ।डलहोजी ने ही 1853 में भारत में रेलवे की शुरुआत की । और सार्वजनिक निर्माण विभाग की स्थापना की । इसके साथ ही 1854 में इसने भारत में तार व्यवस्था तथा डाक टिकट की शुरुआत की । 1854 लोक सेवा विभाग की स्थापना करके प्रतियोगिता परीक्षाओं की शुरुआत भारत में डलहौजी ने ही की थी । डलहोजी ने ही 1854 मे आधुनिक शिक्षा की शुरूआत करके प्राथमिक तथा माध्यमिक विधालय खोले । डलहौजी के समय में ही 1856 में संथाल विद्रोह हुआ । 1857 में स्वतंत्रता संग्राम के विद्रोह का मेन हीरो डलहौजी ही था । 1856 मे लोर्ड कैनिंग भारत का गवर्नर जनरल बना । इसके समय ही भारत मे 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम हुआ । 1857 तक सम्पूर्ण भारत अंग्रेजों का गुलाम बन चुका था । भारत में ईष्ट इण्डिया कम्पनी के विस्तार में लार्ड वेलेजली,लॉर्ड हेस्टिंग्स और लॉर्ड डलहौजी का महत्वपूर्ण स्थान रहा । ईस्ट इंडिया कंपनी ने न केवल व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में फ्रांसीसी,पुर्तगाली और डच कंपनी को अपने रास्ते से हटाया वरन् भारत की राजनैतिक सत्ता को प्राप्त करने का मार्ग भी साफ कर लिया । अंग्रेजो की सफलता का कारण उनके हल्के और छोटे हथियार तथा प्रशिक्षित सेनाएं थी । अंत में इतना कहा जा सकता है कि ब्रिटिश कंपनी को मिली सफलता उनकी अपनी योग्यता में नहीं अपितु भारत की राजनीतिक कमजोरियों में थी ।





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